Sunday, Jan 20, 2019

मऊ में चार कर्मचारी एवं दो डाक्टर अनुपस्थित

मऊ। जिला अधिकारी  निखिलचंद शुक्ल ने शुक्रवार को जिला अस्पताल का  निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय दो डाक्टर और तीन लिपिकों सहित चार कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। शासन के निर्देशों की अनदेखी करके दो चिकित्सकों ने मरीजों को बाजार की दवा लिख दिया था। अस्पताल में अपेक्षित साफ सफाई नहीं दिखी। इस दुर्व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने गैरहाजिर चिकित्सकों और कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया।  

 जिलाधिकारी दोपहर में सवा बारह बजे जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर चेक किया। उस समय तक वरिष्ठ परामर्शदाता डा.प्रकाशकुमार , डा. संदीप कुमार गुप्ता, प्रधान सहायक प्रेमचंद सोनकर ,कनिष्ठ सहायक अनिल कुुमार त्रिपाठी ,अशोक कुमार और जनरेटर आपरेटर ओमप्रकाश और रमाशंकर अनुपस्थित रहे। डीएम ने मरीजों के हाथों से डाक्टरों द्वारा लिखी गई परचियों को चेक किया। इस दौरान डा. एके राय और डा.एसपी राय द्वारा बाजार की दवाइयां लिखी पाई गईं।

अस्पताल में मोटरसाइकिलें भारी संख्या में रखी गई थीं।अस्पताल में जगह जगह गंदगी पसरी हुई थी। इमरजेंसी के गेट के बगल में सीवर का गंदा कचरा बहता दिखा इससे भारी दुर्गंध फैल रही थी। इमरजेंसी के बाहर परिसर में प्राइवेट एंबुलेंस खड़े किए गए थे। जिलाधिकारी ने इन परिस्थितियों पर सख्त नाराजगी जताया। उन्होंने सीएमएस डा. बृज कुमार को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि सफाई कर्मचारियों की संख्या चार से  अधिक बढ़ाई जाय। एक हफ्ते के अंदर सफाई व्यवस्था में सुधार न आने पर सफाई का ठेकाकिसी अन्य को दिए जाने का निर्देश डीएम ने सीएमएस को दिया। मरीजों को जमीन पर बैठे देख डीएम ने निर्देश दिया कि मरीजों को बैठने के लिए पर्याप्त बेंच की व्यवस्था की जाए जिससे उन्हें जमीन पर न बैठना पड़े।

किसी भी हाल में डाक्टर मरीजों को बाजार की दवा न लिखें। बाजार की दवा लिखने वाले चिकित्सकों से सपष्टीकरण लिया जाय। इनडोर में शौचालयों में ताले बंद रहने पर डीएम ने नाराजगी जताया। उनके ताले खुलवाकर शौचालय चालू कराए जाएं। डीएम ने सीएमएस से कहा कि किसी भी हाल में अस्पताल परिसर में प्राइवेट एंबुलेंस खड़ी न रहने दी जाए। यदि भविष्य में प्राइवेट एंबुलेंस अस्पताल कैंपस में दिखी तो इसके लिए सीएमएस को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। 

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