Sunday, Jan 20, 2019

सरकार बदलते ही पाँच मुस्लिम प्रधान नपे

सूबे की समाजवादी सरकार के जाते ही सपा समर्थित ग्राम प्रधानों का तिलिस्म भी टूटने लगा है। सरकारी दफ्तरों से लेकर मंत्रालय तक की नजर इन पर टेढ़ी है और अभी तक सत्ता की धमक से खामियां होने के बाद भी शासन कर रहे ग्राम प्रधानों पर कार्रवाई का क्रम शुरू हो गया है। सत्ता परिवर्तन के बाद पहली बार प्रतापगढ़ के 5 ग्राम पंचायत के प्रधानों पर गाज गिरी है। सपा राज में फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाकर प्रधानी का मजा लूट रहे इन पांच मुस्लिम प्रधानों के खाता संचालन पर रोक लगा दी गई है। साथ ही ग्राम पंचायतों में त्रिस्तरीय कमेटी गठित करने की कार्रवाई के भी आदेश दिए गए हैं। ये सभी ऐसे ग्राम प्रधान थे जिनका फर्जी जाति प्रमाणपत्र डीएम ने निरस्त कर दिया था लेकिन सत्ता की हनक के चलते ये प्रधानी कर रहे थे।अब इसे तो निजाम बदलने का असर ही कहेंगे क्योंकि इलाके में अफसर वही और काम करने वाले कर्मचारी भी पुराने हैं लेकिन योगी सरकार की कार्यप्रणाली देखकर अधिकारियों ने रंग बदलना शुरू कर दिया है। प्रतापगढ़ में ताबड़तोड़ पांच प्रधानों पर कार्रवाई के बाद पूरे जिले के सपा समर्थित प्रधान सकते में हैं क्योंकि अब खामियां पाये जाने पर प्रधानों की खैर नहीं होगी।सभी ग्राम प्रधान पर पिछड़ी जाति का फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर प्रधानी हथियाने का आरोप था। मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो कोर्ट के आदेश पर इन प्रधानों का जाति प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया गया। लेकिन सपा नेताओं के दबाव में इन सभी के खाता संचालन पर रोक नहीं लगाई गई और ये बदस्तूर ग्राम प्रधान बने रहे।नए सीएम योगी थानों से लेकर दफ्तरों में पहुंच रहे हैं। उनका रुख गलती मिलने पर अधिकारियों को भी नहीं छोड़ेगा ये बात वायरल है। डीएम प्रतापगढ़ ने भी योगी एक्शन में खुद को ढाला और डीपीआरओ को फटकार लगाई। आदेश हुआ कि तत्काल प्रभाव से खाता सीज कराया जाए। आज से इन प्रधानों का खाता संचालन नहीं होगा और गांव में त्रिस्तरीय कमेटी गठन की कार्रवाई शुरू होगी ।

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