Sunday, Jan 20, 2019

योगीराज में रोमियो का बदला चरित्र

इंग्लिश के महान कवि, नाटककार और एक्‍टर विलियम शेक्‍सपीयर और उनकी लिखी हुई एक महान ट्रेजेडी रोमियो जूलियट जिसके हीरो रोमियो के नाम पर आज मोहब्‍बत की कई मिसाल दी जाती हैं। आज यही रोमियो खुद को कोसता होगा और सोचता होगा कि इतना प्‍यार करने के बाद भी उसे आज विलेन का दर्जा मिल गया है। उत्‍तर प्रदेश में जब से एंटी-रोमियो स्‍क्‍वायड शुरू हुआ है रोमियो के बारे में ही बातें हो रही हैं। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि बालकनी में जाकर अपनी महबूबा जूलियट के साथ इश्‍क फरमाने वाला यह रोमियो असल में कौन था, अगर नहीं जानते तो फिर जरूर इस रिपोर्ट को जरूर पढ़ें। सन् 1591 से 1611 तक के समय को इंग्लिश लिट्रेचर में शेक्‍सपीरियन ट्रेजेडी के नाम से जाना जाता है। इसी समय में विलियन शेक्‍सपीयर ने रोमियो एंड जूलियट लिखा जिसका समय सन् 1594 से 1595 माना जाता है। यह एक ट्रैजिक लव स्‍टोरी जो दो किशोर लोगों रोमियो और जूलियट पर आधारित थी।रोमियो एंड जूलियट की कहानी इटली के वेरोना की है जिसमें रोमियो एक राजकुमार तो जूलियट एक राजकुमारी थी। रोमियो ने चोरी-छिपे जूलियट से शादी थी। जूलियट, रोमियो के पिता के दुश्‍मन की बेटी थी। रोमियो ने जब तक जूलियट से प्‍यार किया उसकी भनक किसी को लगने नहीं दी थी। रोमियो, विलियम शेक्‍सपीयर के प्‍ले का सबसे अहम कैरेक्‍टर था और जब तक आप इसे पढ़ते हैं रोमियो की मौजूदगी आपको हर जगह महसूस होगी। शेक्‍सपीयर ने रोमियो को एक आदर्श प्रेमी के तौर पर दर्शाया था। इसे प्‍ले का नतीजा था कि दुनिया में हर कहीं आज रोमियो को एक जूनूनी लेकिन सच्‍चे आशिक के तौर पर देखा जाता है। रोमियो एंड जूलियट ने इटली के लेखकों पर बड़ा असर डाला था। रोमियो एक ऐसा युवा था जिसने जूलियट की मौत की झूठी खबर सुनकर खुद अपनी जान दे दी थी। विलियम शेक्‍सपीयर का रोमियो जूलियट इतना मशहूर है कि इस पर आज तक हॉलीवुड में फिल्‍में बनती हैं। भारत में भी लोग इसे पढ़ते हैं और यहां पर भी कई बार इस पर आधारित थियेटर शो हुए हैं। कई बॉलीवुड फिल्‍मों में हीरो को रोमियो की ही तरह दिखाया गया है।योगी आदित्‍यनाथ के एंटी-रोमियो स्‍क्‍वायड ने रोमियो की एक अलग ही छवि पेश कर दी है। रोमियो यानी लड़कियों को परेशान करने वाला लफंगा। जबकि शेक्‍सपीयर का रोमियो सिर्फ प्‍यार में था और प्‍यार में ही मर गया था। उसे आज अपराधी बना दिया गया है। रोमियो आज एक ईव टीजर है जो राह चलती लड़कियों को छेड़ता है।आज भारत में कहीं किसी बस, ट्रेन या फिर बाजार में अगर कोई लड़की छेड़ता है, तो उसे रोमियो कहा जाने लगता है। इस हिसाब से भारत में इतने रोमियो है कि जिनके बारे में कभी शेक्‍सपीयर ने भी नहीं सोचा था। आज इस रोमियो के नाम पर उत्‍तर प्रदेश में कई बेकसूर लोगों को भी परेशान किया जा रहा है।

रिपोर्टर - इश्तियाक अंसारी

Comments

Anonymous (not verified) - Fri, 03/31/2017 - 18:00

अच्छा तर्क है  जनाब 

Kewsillesse (not verified) - Tue, 04/25/2017 - 08:07

Add new comment

Image CAPTCHA